दिल्ली विधानसभा में पेश हुई सीएजी रिपोर्ट, आप की शराब नीति से हुआ 2000 हजार करोड़ का घाटा
दिल्ली विधानसभा में आज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सीएजी की रिपोर्ट पेश की है। रिपोर्ट पेश करने पर एलजी ने कहा की पिछली सरकार ने इस रिपोर्ट को रोककर रखा था। इसे सदन में नहीं रखा। उन्होंने संविधान का खुलेआम उल्लंघन किया।
दिल्ली विधानसभा में आज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सीएजी की रिपोर्ट पेश की है। रिपोर्ट पेश करने पर एलजी ने कहा की पिछली सरकार ने इस रिपोर्ट को रोककर रखा था। इसे सदन में नहीं रखा। उन्होंने संविधान का खुलेआम उल्लंघन किया। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि नई शराब नीति से दिल्ली सरकार को 2000 करोड़ का घाटा हुआ। पॉलिसी कमजोर थी और लाइसेंस प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई। एक्सपर्ट पैनल ने पॉलिस में कुछ बदलाव के सुझाव दिए थे, जिन्हें तत्कालीन डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने नजरअंदाज कर दिया।
नई शराब नीति में हुआ उल्लंघन
कैग रिपोर्ट में बताया गया है कि थोक का लाइसेंस शराब वितरक और शराब निर्माता कंपनियों को भी दे दिया गया, जो कि उल्लंघन था। नीति में कोई भी निजी कंपनी रिटेल लाइसेंस ले सकती है। लाइसेंस देने से पहले आर्थिक या आपराधिक कोई जांच नहीं की गई। लिक्वर जाइन के लिए 100 करोड़ के निवेश की जरूरत होती थी। लेकिन नई पॉलिसी में इसे खत्म कर दिया गया। कैग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि शराब लाइसेंस देने में राजनीतिक दखल और भाई भतीजा वाद हुआ।
आप ने किया प्रदर्शन
इससे पहले आम आदमी पार्टी ने डाॅ. भीमराव अंबेडकर को लेकर प्रदर्शन किया। दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी ने कहा की बीजेपी ने डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर की जगह पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगा दी है। क्या बीजेपी सोचती है कि पीएम मोदी डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर से महान हैं? जब आप विधायकों ने डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के नारे लगाए तो उन्हें निलंबित कर दिया गया। लेकिन जब बीजेपी विधायकों ने पीएम मोदी के नारे लगाए तो उन्होंने कुछ नहीं कहा। इसका मतलब है कि बीजेपी डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर से नफरत करती है।
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